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रंगदारी मांगने वालों कुख्यात रंगबाज पत्रकारों के खिलाफ उद्यमी ने खोला मोर्चा


--- जी न्यूज का शिव कुमार, इंडिया न्यूज़ की सुश्री शिशान्त शुक्ला समेत 4 से 5 अन्य लोगो के नाम शामिल
--- शिशान्त शुक्ला की 40 हजार रुपये मांगते ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल
--- बड़े पत्रकारों के नाम होने के कारण कार्यवाही करने से घबरा रहा प्रशासन

शाहजहांपुर। एक और जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रयासरत हैं तो वही जनपद  की अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी के मालिक को शहर से पलायन करने पर विवश होना पड़े यह बहुत शर्मनाक बात होगी शहीदों की नगरी शाहजहाँपुर के लिए। एक अंतराष्ट्रीय स्तर के उद्यमी से जनपद के कुख्यात ब्लैकमेलर गिरोह कथित पत्रकारों द्वारा रंगदारी मांगे जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इन कुख्यात रंगबाज पत्रकारों की ब्लैकमेलिंग से परेशान उद्यमी ने अब इनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उद्यमी ने रंगदारी मांगने वाले कथित पत्रकारों की लिखित शिकायत डीएम, एसपी से की मगर प्रशासन ने इनके खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नही की है। जिससे इन कथित रंगबाज पत्रकारों के हौसले बुलंद हैं।
     मामला शाहजहांपुर स्थित जी सरजिबियर इंटरनेशनल  कंपनी से जुड़ा है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सौम्य अग्रवाल ने मीडिया कर्मियों को बताया कि अपने आप को इंडिया न्यूज की पत्रकार बताने वाली शिशान्त शुक्ला, जी न्यूज के शिव कुमार और फ़ेसबुक के पत्रकार रोहित पांडेय के द्वारा उन्हें लगाकर ब्लैकमेल किया जा रहा है। ये लोग एक साजिश के तरह फर्जी खबरे चलाकर शासन प्रशासन को गुमराह करते हैं। हमारे और हमारी फैक्ट्री के खिलाफ भी फर्जी खबरे चलाकर उन्हें बदनाम किया। इसके बाद खबर न चलाने के बदले में उनसे रुपये की डिमांड। उन्होंने बताया कि इंडिया न्यूज की पत्रकार बताने वाली शिशान्त शुक्ला ने उनके  कंपनी के एक अधिकारी को फोन कर 40 हजार रुपये की डिमांड रखी। ऐसे ही लगातार ये लोग उनके खिलाफ साजिशन झूठी खबरों को चलाकर रंगदारी मांग रहे हैं। 
    जी सरजिबियर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सौम्य अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने इन कथित पत्रकारों की शिकायत रौजा थाने में कई लेकिन कोई कार्यवाही नही की गई। फिर शाहजहांपुर के डीएम और पुलिस कप्तान को भी रंगदारी मांगे जाने की शिकायत साक्ष्यों के साथ की, मगर आज तक प्रशासन द्वारा इन लोगो पर कोई कार्यवाई नही की गई। उन्होंने कहा यदि शासन और प्रशासन से कोई कार्यवाही नही की जाएगी तो वह कोर्ट की शरण लगें। साथ उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह उन्हें परेशान किया जाता रहा है तो वह अपनी फैक्ट्री यहां से बंद कर किसी अन्य राज्य में चले जायेंगे।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा दिए जाने की लगातार वकालत करते हैं, ऐसे में इस तरह से करोड़ो के टैक्सपेयर्स उद्यमी की जिला स्तर पर सुनवाई न होने से उनकी कोशिशों पर पलीता लगाया जा रहा है।

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