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लाइफ को सबसे जरूरी मानने वाले सुशांत सिंह खुद ही हार गए जिंदगी से जंग, पढ़ें उनकी फिल्मों के बेस्ट डायलॉग्स

(Editor by abhay shukla)
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई के अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार सुशांत सिंह पिछले छह महीने से डिप्रेशन से गुजर रहे थे।  सुशांत सिंह राजपूत ने पर्दे पर अपने करियर की शुरुआत  धारावाहिक 'किस देश में है मेरा दिल' से की थी। लेकिन वक्त के साथ उन्होंने अपने फिल्मी करियर का सफर को भी बखूबी तय किया।

उन्होंने अपनी फिल्मों के डायलॉग्स के जरिए लोगों में जीवन के प्रति प्यार पैदा करने का हुनर जगाया।  लेकिन आज जब खुद सुशांत अपने जीवन की जंग हार चुके हैं आइए एक नजर डालते हैं उनकी फिल्मों के ऐसे ही कुछ फेमस डायलॉग्स पर जो शायद डिप्रेशन से जुझ रहे किसी व्यक्ति के लिए प्रेरणा का सबब बन जाएं।    

1-डायलॉग- जिस महफिल ने ठुकराया हमको, क्यों उस महफिल को याद करें, आगे लम्हा बुला रहा, आओ उसके साथ चलें
फिल्म- 
पीके (2014)

2-'जिंदगी में अगर कुछ सबसे ज्यादा इंपॉर्टेन्ट है तो वो है खुद की जिंदगी'। 
- फिल्म छिछोरे

3-'तुम्हारा रिजल्ट डिसाइड नहीं करता है कि तुम लूजर हो कि नहीं, तुम्हारी कोशिश डिसाइड करती है'
- फिल्म एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी

4-'हम हार जीत, सक्सेस फेलियोर में इतना उलझ गए हैं कि जिंदगी जीना भूल गए हैं. जिंदगी में अगर कुछ सबसे ज्यादा इंपॉर्टेन्ट है तो वो है खुद की जिंदगी'
- फिल्म छिछोरे

5-सक्सेस के बाद का प्लान सबके पास है, लेकिन अगर गलती से फेल हो गए तो फेलियर से कैसे डील करना है, कोई बात ही नहीं करना चाहता है। फिल्म- छिछोरे

6-'सच्चे दोस्त वही होते हैं...जो अच्छे वक्त में आपकी बजाते हैं और जब मुश्किल वक्त आता है तो वही छिछोरे आपके दरवाजे पर खड़े नजर आते हैं'
- फिल्म छिछोरे

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