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मां और पत्नी में किसे चुनें? जब भी आ जाए ऐसा मौका तो इन तरीकों से निकालें हल

शादी के बाद एक लड़के के लिए समस्याएं तब ज्यादा बढ़ जाती है जब वह पत्नी और मां के बीच तनावपूर्ण रिश्ते का शिकार होता हैं। सास-बहू की चिकचिक के बीच दोनों में से किसी का भी साथ देना उसके लिए मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर आप चाहें तो सास-बहू के रिश्ते के बीच आसानी से संतुलन बना सकते हैं।

शादी के बाद एक लड़के के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि मां और पत्नी में किसे चुनें? आज के समय में अधिकांश भारतीय विवाहित पुरुष इसी दुर्दशा से पीड़ित हैं। दोनों में से किसी एक का साथ देने पर जहां उन्हें अपनी मांओ से ताना मिलता है तो वहीं पत्नी से धमकी, ऐसे में एक पुरुष करें तो करें क्या? वो बेचारा दोनों महिलाओं के बीच उस टेनिस बॉल की तरह हो जाता है जिसको इधर से उधर फेंका जाता है। हालांकि, इस सवाल का आजतक किसी के पास कोई जवाब नहीं है। लेकिन फिर भी लोग आपको मजबूत बने रहने के लिए ही कहेंगे।
एक तरफ, उसकी मां है जो उसका पालन-पोषण करके उसे एक मजबूत बनाती है। वहीं, दूसरी ओर उसकी पत्नी है जो उसके भविष्य का एक अभिन्न अंग है। मां जीवन की गुरु हैं और तो पत्नी जीवनसाथी। ऐसे में स्थिति उस पुरुष के लिए तब तनावपूर्ण हो जाती है जब सास-बहू की आपस में बिल्कुल भी न बनती हो। अपनी पत्नी और अपनी मां के बीच संतुलन कैसे बनाएं? यदि आप दोनों एक ही छत के नीचे रहते हैं तो यह सवाल आपके दिमाग में होना चाहिए।
पहले जब लड़कियों की शादी होती थी तो वे सास के लाख के ताने के बाद भी परिवार के मूल्यों और परंपराओं को अच्छे से समझती थीं। लेकिन अब महिलाएं शिक्षित हैं नौकरी करती हैं और अपने नए घर में अपना मान स्थापित करना चाहती हैं। ऐसे में बहू और सास के बीच छोटी-छोटी बातों पर झड़प अपरिहार्य है। यदि आप अपनी पत्नी के साथ एक संयुक्त परिवार में रह रहे हैं और तनाव अधिक चल रहा है, तो इससे निपटने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो यकीनन आपके काम आ सकते हैं....* विदेशों में शादी के बाद जोड़ों को एक अलग घर में रहने के लिए कहा जाता है, लेकिन भारत में संयुक्त परिवार अभी भी प्रचलन में हैं। हालांकि पेशेवर प्रतिबद्धताएं विवाहित जोड़ों को अपने माता-पिता के घरों से बाहर जाने के लिए तैयार कर रही हैं। लेकिन कुछ जोड़े आज भी संयुक्त परिवारों का हिस्सा हैं। ऐसे में अगर आप एक संयुक्त परिवार में रह रहे हैं तो किसी रस्साकशी भेंट न चढ़ें, सास-बहू के बीच तालमेल बनाकर चलें।
शादी के बाद एक पुरुष के लिए प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। हो सकता है कि एक आदमी हर चीज में अपनी पत्नी का साथ देना चाह रहा हो, लेकिन यह भी समझें कि यह आपकी मां के लिए भी एक बहुत बड़ा बदलाव है। ऐसे में अपनी पत्नी और मां के बीच ऐसा कोई रोष उत्पन्न न करें जिसका खामियाजा बाद में आपको ही उठाना पड़े। हालांकि कुछ पुरुष भाग्यशाली भी होते हैं, जब उनकी मां और पत्नी अच्छे दोस्त बन जाते हैं, और अपने जीवन को सहज और आसान बनाने का हर संभव प्रयास करते हैं।* आपको पता है कि आपकी शादी हो चुकी है और आपकी पत्नी को अब आपके साथ-साथ संयुक्त परिवार के साथ रहना होगा। हो सकता है कि आपकी पत्नी और परिवार की सोच आपस में न मिले। ऐसे में शादी से पहले ही उनके साथ अपने परिवार की छोटी-छोटी बातों पर चर्चा करें। अपनी होने वाली दुल्हन से पता करें कि वह आपके परिवार के साथ कैसे मैनेज कर सकती है। यही नहीं, घर के मामलों में अपनी होने वाली दुल्हन के साथ-साथ अपनी मां को भी शामिल करना शुरू करें। दोनों महिलाओं को यह बताना ज़रूरी है कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं।

मां और पत्नी में किसे चुनें?
* सास-बहू के लिए रसोई एक प्रमुख युद्ध क्षेत्र है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं अगर आपकी पत्नी नौकरी कर करती है और थक-हार के परिवार के लिए हर रात खाना बनाती है। तो ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर उनका चिड़चिड़ा होना लाजमी हैं। जिससे कई बार घरों में झगड़ा तक हो जाता है। लेकिन आप चाहें तो रसोई से उत्पन्न होने वाले इन झगड़ों को आसानी से हल कर सकते है। अपने साथ-साथ अपनी मां में भी यह आदत डालें कि वह किचन के छोटे-छोटे कामों को पूरा कर दें। इस तरह घर का काम भी पूरा हो जाता है और आपकी पत्नी भी बात-बात पर गुस्सा नहीं होगी।

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