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LockDown Day 4: 17 मई के बाद दिल्ली में क्या खुले और क्या रहे बंद, 5 लाख लोगों ने दिए सुझाव

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। LockDown Day 4 (एडिटर-इन-चीफ सूरज द्विवेदी): मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से दिल्ली के लोगों से 17 मई के बाद लॉकडाउन के स्वरूप पर मांगे गए सुझाव पर करीब साढ़े पांच लाख दिल्लीवासियों ने अपने दिल की बात कही है। सीएम अरविंद केजरीवाल को दिए सुझाव में लाखों लोगों ने बताया है कि लॉकडाउन-4 के दौरान क्या खुला रहना चाहिए और क्या बिल्कुल नहीं खुलना चाहिए।
13 मई की शाम को आए 5 लाख से अधिक सुझाव
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फोन नंबर, वाट्सएप नंबर और ईमेल पर बुधवार शाम 5 बजे तक जनता से सुझाव मांगा था। लोगों ने वाट्सएप पर चार लाख 76 हजार , ई- मेल पर 10 हजार 7 सौ, फोन पर 39 हजार और चेंज डॉट आर्ग पर 22 हजार 700 सुझाव भेजे हैं। कुल 5,48,400 लोगों से सुझाव मिले हैं। जनता से मिले इन सुझावों के आधार पर 15 मई को दिल्ली सरकार रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार के पास भेज देगी।
मेट्रो-बसों और शिक्षण संस्थानों को खोलने को लेकर मिले सुझाव
बताया जा रहा है कि जनता ने 17 मई के बाद परिवहन, बिजनेस, स्कूल- कॉलेज और इंडस्ट्री समेत विभिन्न मुद्दों पर अपना महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। इसके अलावा बदली परिस्थितियों में स्कूल-कॉलेज संचालन पर भी लोगों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। लोगों ने व्यापार को पटरी पर लाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि मैं दिल्ली के लोगों का सुझाव जानना चाहता हूं कि क्या-क्या चीजें खुलनी चाहिए और क्या-क्या चीजें नहीं खुलनी चाहिए। दरअसल, मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन में ढील देने के मुद्दे पर दिल्ली की जनता से सुझाव मांगे थे। उन्होंने कहा था कि 17 मई के बाद दिल्ली में लॉकडाउन कितना खुले यह जनता तय करेगी।  मंगलवार को डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने 17 मई के बाद लॉकडाउन में ढिलाई देने को लेकर मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक सुझाव मांगा है। दिल्ली के लोग किन-किन क्षेत्रों में कितनी ढिलाई चाहते हैं? इस पर वे 13 मई की शाम 5 बजे तक अपने सुझाव दे सकते हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा था कि दिल्ली की जनता बताएं कि क्या-क्या चीजें खुलनी चाहिए और क्या-क्या चीजें नहीं खुलनी चाहिए? निश्चित रूप से इस दौरान शारीरिक दूरी का कड़ाई से पालन किया जाएगा। सबके लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। एक तरफ हमें सबसे पहले कोरोना से अपनी सेहत को बचाना है और दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था की भी सेहत बना कर रखनी है। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से अभी काफी लोगों को बहुत सारी तकलीफें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं जनता का सुझाव लेने के साथ विशेषज्ञों और डॉक्टरों से भी बात करूंगा।
मांगे गए सुझाव वोटिंग नहीं यह सिर्फ सभी के विचार हैं
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि मांगे जा रहे सुझाव कोई वोटिंग नहीं है कि किस सुझाव को कितने वोट मिले हैं। यह सिर्फ आप सभी के विचार हैं कि आपको कितनी छूट दी जानी चाहिए? जो भी अच्छे सुझाव आएंगे, उस पर विशेषज्ञों और लोगों से बात कर हम दिल्लीवालों की तरफ से एक प्रस्ताव बना लेंगे और हम 15 मई को अपना प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज देंगे।

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