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यूपी: रंगदारी व अपहरण के आरोप में पूर्व सांसद धनंजय सिंह जौनपुर में गिरफ्तार, भेजे गए जेल

जौनपुर, जेएनएन (एडिटर इन चीफ सूूरज द्विवेदी)।
कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन के बाद भी उत्तर प्रदेश में अपराध के मामले चरम पर हैं। जौनपुर से पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह को जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर को जान से मारने की धमकी देने के साथ रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
जौनपुर से बहुजन समाज पार्टी से सांसद रहे बाहुबली धनंजय सिंह का अपराध जगत तथा विवादों से काफी पुराना नाता रहा है। धनंजय सिंह को रविवार रात पुलिस ने गिरफ्तार किया। आज उनको जौनपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। धनंजय सिंह को अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में आवास पर छापा मारकर गिरफ्तार किया गया। नमामि गंगे परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर को अगवा कर धमकी देने के आरोप में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह सहित दो को लाइन बाजार पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में आरोपित पूर्व सांसद व उसके सहयोगी विक्रम सिंह को जेल भेज दिया। पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है। 
जौनपुर पुलिस की टीम ने रविवार की रात धनंजय सिंह के जौनपुर आवास पर छापेमारी की। पुलिस टीम ने आवास से पूर्व सांसद के साथ ही विक्रम सिंह को भी गिरफ्तार किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक अभिनव सिंघल ने पूर्व सांसद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। यह कंस्ट्रक्शन कंपनी मुजफ्फरनगर की है। इस कंपनी के पास लगभग 300 करोड़ की लागत से जिले में सीवर लाइन बिछाने का टेंडर है। कंपनी के मालिक की ओर से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद हरकत में आए पुलिस महकमे ने पूर्व सांसद के आवास पर छापेमारी कर उन्हेंं गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के लिए आधा दर्जन थानों की फोर्स लगाई गई थी।
अभिनव सिंघल ने बाहुबली नेता पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि धनंजय सिंह ने रंगदारी न देने पर उनका अपहरण करा लेने और जान से मार देने की धमकी दी है। पुलिस ने इसी शिकायत के आधार पर रविवार की रात छापेमारी कर धनंजय और उनके एक सहयोगी विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
धनंजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रारी विधानसभा क्षेत्र से अपनी राजनीति शुरू की। 27 साल की उम्र में 2002 में निर्दलीय विधायक चुने जाने के बाद धनंजय सिंह ने 2007 में जनता दल यूनाइटेड का दामन थामा। इसके बाद कुछ दिन तक रामविलास पासवान के साथ रहने के बाद बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए थे। बसपा के टिकट पर 2009 का लोकसभा चुनाव लड़ा और धनंजय ने जीत दर्ज कर संसद में जौनपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी किया। 
एफआइआर तो झूठ की बुनियाद
पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दिया है। यह केस प्रदेश के नगर विकास राज्यमंत्री गिरीश यादव ने राजनीतिक द्वेष और उनकी लोकप्रियता के चलते दर्ज कराया है। उन्होंने जिले में कोई काम नहीं किया और 2017 में मंत्री बनने के बाद से ही सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार किया। अब जनता चुनाव में इसका जवाब देगी। हमने जिले में कई विकास की योजना को लाने का प्रयास किया, लेकिन मंत्री गिरीश यादव सभी में अडंगा लगवा रहे हैं। अपने लोगों को ठेकेदारी में लाने का उनका प्रयास सफल नहीं होगा। 

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